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Monday, 6 July 2020

रक्षाबंधन पर कविताएँ | Poem on Raksha Bandhan in Hindi

रक्षाबंधन एक ऐसा पर्व है जिसमें एक बहन अपने भाई की कलाई पर रक्षा की सौगात की डोर बाँधती है। यह पर्व भाई-बहन के बीच अद्भुद प्रेम व सौहार्द को दर्शाता है। 'रक्षा' का मतलब सुरक्षा और 'बंधन' का मतलब बाध्य होता है। एक भाई अपनी बहन के प्रति बाध्य होकर जीवन भर उसकी सुरक्षा करता है, यही रक्षाबंधन का महत्त्व माना जाता है। यह पर्व पूरे भारतवर्ष में बहुत ही हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जाता है। आज हम इसी पर्व की कल्पना कर आपके समक्ष साझा करते है कुछ रक्षाबंधन पर कविताएँ, जिससे की आप सब इन कविताओं के जरिये, रक्षाबंधन जैसे महत्वपूर्ण पर्व की महत्तवता को समझ सकें।

रक्षाबंधन पर कविताएँ | Poem on Raksha Bandhan in Hindi


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Poem on Raksha Bandhan in Hindi

Poem on Raksha Bandhan in Hindi


आया राखी का त्यौहार

आया राखी का त्यौहार,
आया राखी का त्यौहार,
बढ़ाने सौहार्दय और प्यार,
आया राखी का त्यौहार।

प्रीति के धागे से बँधा ये,
भाई-बहन का प्यार,
महक उठेगा जिससे दोनों की,
ख़ुशियों का संसार।

लड्डू सा मीठा है भैया,
जलेबी से मीठी है बहना रानी,
दोनों एक दूजे के मन भावे,
और इंद्रधनुषी दोनों का प्यार।

बहन उतारे आरती भाई की,
देती आशीष हजार,
भाई ने बहना की रक्षा का वादा कर,
दे दी उसको खुशियाँ हजार।

आया राखी का त्यौहार,
आया राखी का त्यौहार,
बढ़ाने सौहार्दय और प्यार,
आया राखी का त्यौहार।
- Nidhi Agarwal

रक्षाबंधन पर कविता


राखी की रीत

राखी का आया त्यौहार,
संग लाया खुशियाँ हजार।

बहना ने थाल सजाया,
भाई को कुमकुम तिलक लगाया,
नेह के धागे से बंधन बांध के,
भाई पर अपने स्नेह जताया।

राखी का आया त्यौहार,
संग लाया खुशियां हजार।

एक लाखों में है मेरा भैया,
जैसे सितारों में हो चंदा,
जुग-जुग जिये मेरा चाँद सा भैया,
तू है मेरे जीवन की नैया।

राखी का आया त्यौहार
संग लाया खुशियाँ हजार।

इस राखी पर प्यारे भैया,
वादा एक निभाना,
बस राखी की रीत निभाने,
आ जाना हर बार।

राखी का आया त्यौहार
संग लाया खुशियाँ हजार।
- निधि अग्रवाल

Raksha Bandhan Par Kavita


विश्वाश का धागा

विश्वास के धागे से है बँधा,
पर्व ये रक्षाबंधन,
भाई-बहन के पवित्र रिश्तों का,
प्यारा है ये बंधन।

खट्टी-मिट्टी बातों से,
इंद्रधनुषी यादों से,
झिलमिल होता है भैया,
तेरी बहना का जीवन।

बहना बोले भैया से,
भैया साथ निभाना,
इस छोटी सी बंधी डोर पर,
रखना बस मेरा मान।

भैया बोले ओ प्यारी बहना,
तुम हमेशा खुश रहना,
क्योंकि तेरी होठों की हँसी से,
मुस्कुराए मेरी ख़ुशियों का आँगन।
- Nidhi Agarwal

Rakhi Par Kavita | राखी पर कविता


राखी आयी-राखी आयी

राखी आयी, राखी आयी,
संग अपने ढेरों खुशियाँ लायी,
लड्डू और मिठाइयों की भी,
अपने संग बहारें लायी।

बहना भी कुमकुम तिलक संग,
आरती की थाली लायी,
बाँधा जब बहना ने राखी को भैया के,
भैया के चेहरे पर मीठी सी मुस्कान छायी।

राखी में बहना ने ऐसी राखी सजाई,
देखकर भैया की बांछे खिल आयी,
करने पूरी बहना की मन की बात,
भाई ने सौगातों की बौछार लगाई।

भैया और बहना हैं एक दूजे का खजाना,
राखी में दोनों को प्रीत है निभाना,
मिलकर हँसी खुशी दोनों को,
है ये प्यारा सा त्यौहार मनाना।

मेरा भैया हमेशा सलामत रहे,
बस इतनी सी है रब से दुआएँ,
जब-जब आये ये राखी का त्यौहार,
मेरे भाई के जीवन में खुशी लाए।
- निधि अग्रवाल

दोस्तों, भाइयों व बहनों आपको यह Poem on Raksha Bandhan in Hindi कैसी लगी, हमें अवश्य बताए। यदि अच्छी लगी हो तो आप इन्हें सोशल मीडिया पर अपने अन्य मित्रों व परिवार जनों के साथ साझा अवश्य करदें।

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