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Friday, 8 March 2019

महिला दिवस पर कविताएँ | Poem on Women's Day in Hindi

नारी जीवन की गाथाओं का वर्णन अनादि काल से चला आ रहा है। इस धरती पर सीता, राधा, सावित्री और मीरा जैसी महान नारियों ने जन्म लिया, जिन्होंने ने जीवन में अपार कष्ट सहते हुए भी अपने कर्तव्यों को पूरा किया है, फिर भी शायद अभी भी उस नारी को वह स्थान नही प्राप्त हो पाया है जिसकी वह हकदार है। हमनें नारियों के उन बलिदानों को भुला दिया है, जो उसने किये है। हम नारी को अपराजिता के नाम से पुकारते है लेकिन कभी भी हमने उसे जीत का कोई अहसास नही होने दिया है।

हम समाज में नए-नए परिवर्तन कर रहें है लेकिन नारियों के प्रति हमारी मानसिकताओं में परिवर्तन नही हो पा रहे है। अब हमें बदलने की जरूरत है, नारियों के सम्मान के लिए आगे कदम उठाने की जरूरत है जिससे वह सबके साथ कदम से कदम मिलाकर चल सके। हम अपनी कविताओं के माध्यम से आपको नारियों के महान गुणों और गाथाओं से अवगत कराना चाहते है। आपके समक्ष Poem on Women's Day in Hindi कुछ शेयर करते है।

महिला दिवस पर कविताएँ | Poem on Women's Day in Hindi


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Poem on Women's Day- महिला दिवस पर कविता


केवल नारी नही हूँ मैं

केवल नारी नही हूँ मैं,
धरती पर जीवन का आधार हूँ मैं।
डूबती हुई नाव नही,
पार ले जाये सबको वह पतवार हूँ मैं।

बंद पिंजरे की चिड़िया नही हूँ मैं,
जो आज़ादी को भूल गयी है।
पंख मेरे भी है अरमानों के,
जिनको फैलाना जान गई हूँ मैं।

अब अबला नही हूँ मैं,
भय को जीतने वाली निर्भया बन गयी हूँ मैं।
नारी मैं भोग्या नही,
एक नई पहचान लेकर भाग्या बन गयी हूँ मैं।

नारी मैं केवल नारी नही,
उगते हुए सूरज की पहली किरण बन गयी हूँ मैं।
एक नए युग का आरंभ कर,
नव भारती बन गयी हूँ मैं।
Written by- Nidhi Agarwal

आज का युग परिवर्तन का युग है और भारतीय नारियों में भी अभूतपूर्व परिवर्तन देखा जा सकता है। आज की नारी पुरुषों के साथ कंधे से कन्धा मिला कर चल रही है। आज की नारी स्वतंत्र नारी है। उसने समाज व राष्ट्र को यह सिद्ध कर दिखाया है कि शक्ति अथवा क्षमता की दृष्टि से वो भी पुरुषों से किसी भी भाँति कम नहीं है। ये नारी महान है। आज इसी नारी की शक्ति को समर्पित कुछ पंक्तियाँ, हम शेयर करेंगे आपके साथ।

Short Poem on Women's Day in Hindi

हे नारी! तू महान है

हे नारी! तू महान है कितनी?
तू है करुणा का सागर,
तू है ममता की गागर।
नही लेती तू कभी कुछ,
जीवन पर्यंत बस देती ही रहती।

नही जान पाता तेरा दुःख कोई,
नही समझता तुझको कोई।
फिर भी थोड़ा प्रेम पाने को, प्रिय से,
अपना सब कुछ अर्पण कर देती।

नारी तुम ममता की मूरत हो,
एक पुरुष की पूरक हो।
लेकिन बढ़ जाता तेरा दुःख अधिक,
लेती रण चंडी का रूप तब हो।
पल भर में विनाश सब कर देती,
हे नारी! तू महान है।
Written by- Nidhi Agarwal

Must Read: Poem on Mother

निःसंदेह महिलाओं की वर्तमान दशा में निरंतर सुधार देखते हुए, सारा श्रेय राष्ट्र की प्रगति को जाता है। वह दिन दूर नही जब नारी के इसी प्रयासों से, हमारा देश विश्व के अन्य अग्रणी देशों में से एक होगा।
हमारे देश की नारियों को समर्पित यह कविताएँ Poem on Women's Day in Hindi अच्छी लगी हो तो इसे शेयर करना मत भूलियेगा। अन्य कविताओं के लिए आप हमारे फेसबुक पेज को लाइक करें।

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Edited by- Somil Agarwal

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