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Friday, 3 April 2020

प्यार पर कुछ कविताएँ | Love Poems in Hindi

"प्रेम" ईश्वर के दिए हुए रिश्ते का एक अटूट पहलू है। एक प्यारा सा एहसास है। यह अनेक भावनाओं का मिश्रण है, जो हमें परस्परिक रूप से ख़ुशी प्रदान करता है। एक ऐसा एहसास, जो हमें मानसिक और आंतरिक ख़ुशी देता है। किसी इंसान के प्रति एक आकर्षण, उसके प्रति भावना या स्नेह, प्रेम कहलाता है। एक सच्चा प्यार वही है, जो हमारे दुखों में, हाथ से हाथ मिलाकर साथ खड़ा रहे। सुख में तो हर कोई खड़ा रहता है। प्यार की परिभाषा सबसे भिन्न है, इसमें हर तरह का रिश्ता समाहित हो जाता है, चाहें प्यार अपने माता-पिता से हो, भाई-बहन से हो, एक प्रेमी को प्रेमिका से हो, प्यार बस सच्चा होना चाहिए।

आज हम आपके समक्ष लेके प्रस्तुत हुए है कुछ प्यार पर कविताएँ Poem on Love in Hindi, जिससे आप अपनी फीलिंग्स को अपने प्यार से कहने में जरा सा भी न हिचकिचाएं। कहते है अगर अपनी फीलिंग्स को सामने वाले से शेयर न करो तो उसे हमारी फीलिंग्स कैसे पता चलेंगी, तो अगर आपके मन में किसी के लिए प्यार है, तो आप इन प्यार पर कविताओं को अपने प्रिय से साझा कर अपनी फीलिंग्स को आसानी से शेयर कर सकते है।

प्यार पर कुछ कविताएँ | Love Poems in Hindi


Love Poems in Hindi

Love Poem in Hindi


मेरा सच्चा तलबगार

मुझे बाँध ले लफ्जों में जो,
अपने अधरों की ग़ज़ल बनाएँ,
मेरे दिल की गहराइयों को छूकर जो,
मेरी रूह में उतर जाए।
ऐसा हमसफर हो मेरे रास्तों का कोई,
जिससे मंजिल आसान हो जाए।
साथ न चल के भी कुछ दूर,
वो मेरा साथ निभाए।
जिंदगी सवांर दे वो मेरी,
और वो मेरा सच्चा तलबगार बन जाए।

इश्क़ किया है जबसे मैंने,
खुद को तो मैं भूल ही गया हूँ।
अहसासों को जब से पढ़ना सीखा तेरे,
लफ़्ज़ों की भाषा भूल गया हूँ।
जब से देखा तेरी आँखों में,
आंखों को बंद करना भूल गया हूँ।
डूब न जाऊं तेरे नयनों के इस समंदर में,
गहराइयों को इसकी देखकर,
मैं तो तैरना भूल गया हूँ।
इश्क़ किया है जबसे मैंने,
खुद को तो मैं भूल ही गया हूँ।
- निधि अग्रवाल

प्यार पर कुछ कविताएँ


इश्क़

जबभी तुम अपनी मन की कहते हो,
मुझसे तुम मेरी सुनते हो,
इश्क़ तुम्ही से हो जाता है।

जब तुम गीत कोई गाते हो,
मुझे देख तुम मुस्कुराते हो,
इश्क़ तुम्ही से हो जाता है।

जब तुम गीत कोई लिखते हो,
नाम मेरा उसमें लिखते हो,
इश्क़ तुम्ही से हो जाता है।

बारिश के मौसम में तुम मुझको,
जब तुम चुपके से देखते हो,
बस इश्क़ तुम्ही से हो जाता है।

मेरी छोटी छोटी बातों को,
याद बहुत जब तुम रखते हो,
बस इश्क़ तुम्ही से हो जाता है।

अपने दोस्तों से जब तुम मेरी,
पसंद और नापसंद बताते हो।
बस इश्क़ तुम्ही से हो जाता है।

तुम कहते की इश्क़ है मुझसे,
तुम्हारी इस बात से ही मुझे,
बस इश्क़ तुम्ही से हो जाता है।
- निधि अग्रवाल

Pyaar Par Kavita Hindi Mein


निःस्वार्थ प्रेम था

मन में तृष्णा की बात न थी,
बस कोलाहल सा था।
क्या था वो सब नही पता?
जो भी था अपना सा था।
हृदय पुंज में जगमग जगमग,
मधुर मधुर अनुराग भरा,
नित नई उमंगों से था उन्मादित,
जीवन का अर्णव जो था रहा कभी ठहरा।

वाणी में न थें कोई शब्द,
फिर भी थें सब कह जाते।
अधरों से न होती थी बातें,
पर नैन समझ थे सब जाते।
निःस्वार्थ प्रेम था वो शायद,
अब भी वो है मेरे मन में।
नैनों की वृष्टि से कभी-कभी,
झरता है मेरे जीवन में।
करता है प्रसन्नचित जो मेरे हृदय को,
और देता मुझको अनंत प्रमोद।
भर देता है नीरस से जीवन में,
असीम प्रेम का आनंद बोध।
- निधि अग्रवाल

'प्रेम' हमारे जीवन के लिए एक नायाब तोहफ़ा है, जिसके द्वारा हमें एक असीम सुख का एहसास होता है। यह एक प्यारा सा एहसास है जो दो दिलों के मेल से उत्पन्न होता है। हमें आशा है कि आप सबको यह Love Poems in Hindi अवश्य पसंद आयी होंगी। आप इन कविताओं के प्रति अपने सुझाव हमसे कमेंट बॉक्स में लिख कर शेयर कर सकते है। यदि आपको यह अच्छी लगी हो तो इन्हें सोशल मीडिया पर शेयर भी कर सकते है, नीचे दिए गए सोशल मीडिया बटन्स के माध्यम से।
EDITED BY- SOMIL AGARWAL

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