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Sunday, 21 June 2020

महात्मा गाँधी पर कविताएँ | Poem on Mahatma Gandhi Jayanti in Hindi

"महात्मा गाँधी" हमारे देश के "राष्ट्रपिता", जिन्होंने अपना सर्वस्व देकर भारत देश के लिए ढेरों योगदान किए। उन्होंने अहिंसा और सत्य का मार्ग अपनाकर, दुश्मनों को अनगिनत बार खदेड़ा। उच्च विचारों वाली सोच रखते हुए, उन्होंने देश में कई बड़े आंदोलनों की भी शुरुआत अहिंसा, सत्य और शांति के बलबूते से करी। इन्हीं सिद्धांतो के बल से बापू ने हमारे देश को आज़ाद कराया।
अपने राष्ट्रपिता के योगदानों की महत्तवता को देखते हुए, आज हम आपके समक्ष Poem on Mahatma Gandhi Jayanti in Hindi लेकर उपस्थित हुए है, ताकि हम सब बापू के बलिदान को याद कर सकें।

महात्मा गाँधी पर कविताएँ | Poem on Mahatma Gandhi Jayanti in Hindi


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Poem on Mahatma Gandhi Jayanti in Hindi

Poem on Mahatma Gandhi Jayanti in Hindi


देश के सच्चे राष्ट्रभक्त

सच की राह दिखाई उन्होंने,
मानवता का कर्म सिखाया,

अहिंसा को सर्वोपरि मानकर,
प्रेम का पाठ पढ़ाया।

सादे जीवन से अपने उन्होंने,
संस्कृति की छाप थी छोड़ी,

उच्च विचारों वाली भाषा से,
उन्होंने जग में ख्याति बटोरी।

स्वतंत्रता के रखवाले ने,
हिम्मत से कदम बढ़ाया,

दिलवाकर भारत को आजादी,
इसका मान बढ़ाया।

थे सच्चे कर्मवीर वो,
धर्मनिरपेक्षता के उपासक,

देश के सच्चे राष्ट्रभक्त,
और सन्मार्ग के प्रचारक।
- Nidhi Agarwal

Mahatma Gandhi Par Kavita


प्यारे बापू

पूर्ण किया आजादी का स्वप्न,
बिना शस्त्र और तलवार।
ऐसे महापुरुष को हम भारतवासी,
करते सदा प्रणाम।

धर्म-जाति से ऊपर उठकर जिन्होंने,
सबको बाँटा प्यार।
छुआ-छूत के बंधन तोड़कर,
सबको दिलवाया अधिकार।

था सादा जीवन उनका,
और थे ऊँचे विचार।
जीवन पर्यंत जिन्होंने इसका,
हरदम किया प्रसार।

धर्म-अहिंसा और प्रेम को,
बापू ने माना अपना हथियार।
इसके बल पर ही उन्होंने,
तोड़ी थी गुलामी की दीवार।

सदा ऋणी रहेगा भारत उनका,
इस पर है उनके असंख्य उपकार।
जन-जन के हृदय में,
सदा रहेगा हमारे प्यारे बापू का नाम।
- निधि अग्रवाल

Bapu Par Kavita | बापू पर कविता


मातृभूमि के रक्षक

हाथ में लाठी,
आँख में चश्मा,
अदा थी उनकी मिशाल,
चल पड़ते थे दो पग जिधर,
चल पड़ता था उस पग पर सारा हिंदुस्तान।

नाम था उनका मोहनदास करमचंद गाँधी,
उनके सत्य वचनों के आगे,
झुक जाती थी नफरत की आँधी,
धर्म-अहिंसा में बल था उनके,
नही था दूजा कोई उनसा महान।

बिन शस्त्रों के वीर थे वो,
मस्तिष्क से भी धीर थे वो,
मातृभूमि के रक्षक बन वो,
राष्ट्रपिता कहलाये,
उनकी तो कायल है दुनिया
करता हर हिंदुस्तानी उन पर गुमान।
- Nidhi Agarwal

Gandhi Jayanti Par Kavita | गाँधी जयंती पर कविता


गाँधी जयंती

आज गाँधी जयन्ती के शुभ अवसर पर,
सारे भारत वासी मिलकर,
ख़ुशियों के दीप जलाएंगे।

अपने प्यारे बापू का हम,
आज जन्मदिन मनाएंगे,
हाथ जोड़कर बापू को हम,
श्रद्धा सुमन चढ़ाएंगे।

उनके आदर्शों की सच्ची बातें,
हम पूरे जग में फैलाएंगे,
लेकर सत्य का व्रत हम भी,
बापू का मान बढ़ाएंगे।

सादे जीवन उच्च विचारों को हम भी,
अपने जीवन का ध्येय बनाएंगे,
चल उनके पग चिन्हों पर,
एक सुदृढ़ समाज बनाएंगे।

द्वेष-दंभ सब मन से त्याग कर,
प्रेम का फूल खिलाएंगे,
बाटेंगे सबको खुशहाली,
और सबके मन को हरषाएँगे।

आज बापू के जन्मदिवस को हम,
नए ढंग से मनाएंगे,
मन में नई उमंगे लेकर,
एक नया आदर्श बनाएंगे।
- निधि अग्रवाल

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