Click here & install PhonePe

Click here & install PhonePe
Install Phone & Win Assured Casback on your First UPI Transaction

Thursday, 19 December 2019

ईश्वर पर कविताएँ | Poem on God in Hindi

ईश्वर हमारे बीच मौजूद एक असीम शक्ति का अहसास है जो कि हमारे ब्रम्हांड में विघमान है। इसे हम केवल महसूस कर सकते है। यह शक्ति हमें एक ऊर्जा का श्रोत प्रदान करती है जिसके द्वारा हम अपने जीवन के सारे कार्य पूर्ण कर पाते है अर्थात यह हमें सकारात्मक ऊर्जा प्रदान कर हमें परिपक्व बनाती है। जिस प्रकार मनुष्य अपने कठिन वक्त में अपने ईष्ट को याद कर और उनसे मिन्नतें कर अपनी हर कामनाओं को उनके समक्ष साझा करता है और बड़े लगन पूर्वक उनकी आराधना करता है, उसी प्रकार हमारा ईश्वर भी अपने भक्तों को कभी निराश नही करता। एक प्रकार से परमेश्वर हमारी परीक्षा लेता है ताकि हम सब अपने कठिन व मुश्किल वक्त का सामना बड़े ही हिम्मत से करें, वह हमारे साथ तो हरदम रहता है, बस हमारी सूझ-बूझ की परीक्षा लेता है।

अपने प्रभु को याद कर, आप के समक्ष साझा करते है कुछ ईश्वर पर कविताएँ, जिसके माध्यम से हम सब अपने ईष्ट को जान सकें और उनपे विश्वास कर सकें।

ईश्वर पर कविताएँ | Poem on God in Hindi


Poem on God in Hindi, ईश्वर पर कविता,
Poems on God in Hindi

Best Poem on God in Hindi


साकार ब्रह्म ईश्वर

सत्य के साक्षात्कार में,
मन के विश्वास में,
आशाओं के समुंदर में,
है बसा वो।
निराकार है, अदृश्य है,
परंतु है सारभौमिक।
सकल ब्रम्हांड में व्याप्त है,
हो प्रकृति, धरा या पाताल।
है वो हर साँस में,
जीवन की हर आस में,
बंद नेत्रों में भी,
और खुले आकाश में।
वाद्य है, वो ही स्वर,
नही है नश्वर, है वो अमर,
है वही, हाँ वही है,
साकार ब्रह्म ईश्वर।
- Nidhi Agarwal

ईश्वर पर कविताएँ | Ishwar Par Kavita


हे! पथ के साथी

मेरे प्राणों में बसने वाले,
हे! मेरे ईश, मेरे स्वामी।
तम अंधकार को हरने वाले,
हे! भगवन, हे! अंतर्यामी।

विश्वास मेरा, मेरे जीवन में,
कभी नही डिगने पाए।
मेरी आशाओं के मोती कभी,
निज कुंठा वारीश में डूब न जाएं।

हे! पथ के साथी,
मेरे जीवन के विश्वास।
रहना हर दम साथ मेरे,
हे! परमपिता, हे! सर्वव्यापी।

सत्य का मैं करूँ अनुशरण,
वाणी में हो मेरे मृदुलता।
द्वेष, दम्भ से दूर रहूँ,
जीवन में हो केवल सरलता।

हरके जीवन से मेरे अज्ञान के तम,
कर दो जीवन को प्रकाशमान।
हे! सच्चिदानंद, हे परमानंद,
हे! परमब्रम्ह, हे! जगस्वामी।
- Nidhi Agarwal

Poem on God's Love in Hindi


मेरे ईश्वर

मेरे मन के सारे स्वर,
तुझसे ही हैं मेरे ईश्वर।
तेरी रौशनी से ही है आलौकित,
मेरा यह कोमल हृदय कुंज।
तुझसे ही जलता है इसमें,
निरंतर नव आशाओं की किरणों का पुंज।
मेरी साँसों की डोर है तुमसे,
मेरे जीवन की हर भोर है तुमसे।
मेरा राम, मेरा रहीम है तू,
समस्त ब्रह्मांड में असीम है तू।
शून्य में तू , तू ही है विस्तार में,
असत्य की हार तू, तू है सत्य के प्रसार में।
तू ही कन-कन में है मेरे ईश्वर,
तू ही मेरे जीवन के आधार में।
तू ही है मेरे ईश्वर।
- निधि अग्रवाल

जीवन के हर पहलू में हम लोग ईश्वर को याद करते है चाहें वह सुख हो या दुःख, हर घड़ी में ईश्वर ही सहारा बनते है। इसलिए हमें ईश्वर पर विश्वास रखना चाहिए। आशा करते है कि आप सबको यह Poems on God in Hindi अवश्य पसंद आयी होंगी। अगर अच्छी लगी हो तो इन्हें शेयर अवश्य करें, वेबसाइट पर उपलब्ध शेयर बटन के माध्यम से, ताकि और लोग भी इन ईश्वर भक्ति पर कविताओं से प्रेरणा ले सकें और उनपे विश्वास रख सकें।

EDITED BY- Somil Agarwal

No comments:

Post a comment

Most Recently Published

दशहरा त्यौहार पर कविताएँ | Poem on Dussehra in Hindi

दोस्तों, हमारा देश भारत त्यौहारों का देश है। सभी त्यौहारों में दशहरे का त्यौहार पूरे हर्ष और उल्लास से मनाया जाता है। ये त्यौहार असत्य पर सत...