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Saturday, 16 February 2019

Poem on Terrorism in Hindi | आतंकवाद पर कविताएँ

आज आतंकवाद पूरे विश्व के लिए एक अंतरराष्ट्रीय समस्या बन चुका है। चाहे भारत हो या विश्व के अन्य देश, आतंकवाद जैसी समस्या से जूझ रहे है। आतंकवाद हिंसा का एक गैर-कानूनी तरीका है जो लोगों को डराने और धमकाने के लिए आतंकवादियों द्वारा प्रयोग किता जाता है। विश्व भर में न जाने कितने आतंकवादी संगठन पनप रहे है, जो आतंकवाद के स्तर को बढ़ाने और उत्पन्न करने में लगातार हिंसात्मक गतिविधियाँ करते चले आ रहे है।

आज, आतंकवाद एक समाजिक मुद्दा बन चुका है। हमारा देश भारत भी इन आतंकवादियों के घेरे में हमेशा से रहा है, यह लोग क्यों नहीं सोचते कि हमारी मानव जाति को इससे कितना नुक्सान हो रहा है। आज हम इसी आतंकवाद जैसी समस्या का वर्णन करने हेतु, Poem on Terrorism in Hindi आपसे शेयर करते है।

Poem on Terrorism in Hindi | आतंकवाद पर कविताएँ


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Poem on Terrorism in Hindi

Short Poem on Terrorism in Hindi


आतंकवाद को मिटाना होगा

हर घर में दीप जलाना होगा।
आतंकवाद के अंधेरे को मिटाना होगा।
'अ' से अमरुद, 'च' से चरखा छोड़,
'अ' से अमन, 'च' से चैन पढ़ाना होगा।

मेरी धरती, मेरा देश छोड़,
हमारी धरती, हमारा देश सिखाना होगा।
हर एक देश के नागरिक को अब,
देश का पहरेदार बनाना होगा।

धरती माँ की छाती से,
'आतंकवाद' शब्द को मिटाना होगा।
Written by- Nidhi Agarwal

Hindi Poem on Terrorism in India


मिटाओं आतंकवाद के धब्बे को

छोड़ जिहाद की लड़ाई,
इंसान बनो तुम।
यूँ कत्ले आम करके,
न हैवान बनो तुम।
ख़ुदा के बंदे हो तुम,
नेक काम करो तुम।
यूँ आतंकवाद की दहशत से,
खुद को बदनाम न करो तुम।
जियो चैन से तुम भी,
नींद सबकी न हराम करो तुम।
अमन-चैन की इस धरती पर,
न संग्राम करो तुम।
मिटा आतंकवाद के धब्बे को,
कुछ नाम करो तुम।
Written by- Nidhi Agarwal

Poem on Against Terrorism in Hindi


उठो ऐ देश के नौजवानों

कब तक यूँ आतंक के साये में जीते रहेंगे,
धरती माँ के अपमान के घूँट पीते रहेंगे।
उठो ऐ देश के नौजवानों,
धरती माँ की इज्जत की कमान सँभालो।

रंज से नही बदलेगा सब कुछ,
रण भूमि में आना होगा।
मिला जो कर्तब्य
उसको पूरा कर निभाना होगा।

आतंकवाद से इस धरा को बचाना होगा।
इस द्वेष और धर्म की लड़ाई में,
सब को इंसान बनाना होगा।
आतंकवाद जैसे घिनौने शब्द को,
इस धरा से मिटाना होगा।

नापाक इरादों को तेरे ख़ाक कर देंगे,
उठे जो कदम मेरी देश की मिट्टी पर,
तो उन कदमों को हम राख कर देंगे।
Written by- Nidhi Agarwal

सोचने की बात तो ये है, कि इन आतंकवादियों को कहा से बढ़ावा मिल रहा है। इनको बढ़ावा हम ही में से कोई एक देता है, क्यों करते है वो लोग ऐसा जो इन आतंकवादियों को सहारा देता है। आय दिन हम टेरर फंडिंग की ख़बर सुनते रहते है। इस आतंकवाद जैसी भयावाह गतिविधियों को रोकने के लिए सबसे पहले हम लोगों को ही जागरूक होना पड़ेगा, जिससे इनको आतंकवाद फैलाने का सहारा न मिल सके। हम लोगों को ही मानव जाति के प्रति संवेदनशील होना होगा, तभी इस आतंकवाद जैसी बिमारी का इलाज़ हो पाएगा।

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Page Edited by- Somil Agarwal

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