Monday, 1 April 2019

भारत देश पर कविताएँ | Poem on India in Hindi

हमें अपने देश पर गर्व है और होना भी चाहिए, जिस देश की माटी पर हमने जन्म लिया वो हमें सबसे प्रिय है। हम भारतवासी सदा यही चाहते है कि अपने देश "भारत" की शान और पहचान सदा निराली बनी रहे। हम सब बस यही सोचते है कि "सारे जहाँ से अच्छा, हिन्दोस्ताँ हमारा- हम बुलबुलें हैं इसकी, यह गुलिस्ताँ हमारा" इसी अद्भुत सोच को और बढ़ावा देने के लिए, हम आपके सामने देश भक्ति और अपने भारत देश के प्रति प्रेम का अद्भुत वर्णन करने हेतु, भारत देश पर कविताएँ Poem on India in Hindi आपके समक्ष शेयर करता हूँ।

भारत देश पर कविताएँ | Poem on India in Hindi


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Poem on India in Hindi

भारत देश की प्राकृतिक सुंदरता पूरे विश्व में विख्यात है, काश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक अनेकों सभ्यताएं राज करती है, यहाँ की संस्कृति बहुरंगी है, विभिन्न सम्प्रदायों के लोग विभिन्न प्रकार की बोलियां बोलते है।विश्वविख्यात श्रंखला हिमालय सदा से ही हमारे देश भारत की शोभा बढ़ाता चला आ रहा है। पतीत पावन गंगा जैसी कई अन्य नदियाँ, यहाँ की धरती को सींचती चली आ रही है। कई त्यौहारों से सजा हमारा देश अलग-अलग नज़ारे दिखाता है। देश की शोभा बढ़ाते हुए, हमने भारत देश पर कविताओं के माध्यम से भारत देश का चित्रण किया है। एक कविता है शान निराली इस देश की आपसे साझा कर रहे है।

Poems on India in Hindi


है शान निराली इस देश की

है शान निराली इस देश की,
पहचान निराली इस देश की।

भारत माँ की रक्षा करता,
हिमालय इसका दुर्ग है।
है भारत माँ का मस्तक,
कश्मीर इसका स्वर्ग है।

गंगा-जमुना सी नदियाँ यहाँ,
कल-कल करती रहती है।
तन-मन को पावन करती,
धरती को अमृत देती हैं।

त्यौहारों के इस देश में,
रंग-रंग के नज़ारें हैं।
कभी दीवाली, कभी ईद,
कभी होली में रंगों की बहार हैं।

पतित पावनी है धरा यहाँ की,
महापुरुषों ने यहां जन्म लिया।
सावित्री और सीता जैसी,
नारियों ने यहाँ पुरुषार्थ किया।

हर भारतवासी का यहाँ,
एक सपना है।
बने सुदृढ़ और सफल देश,
ये संकल्प अपना है।

है शान निराली इस देश की,
पहचान निराली इस देश की।
---Written by- Nidhi Agarwal

हमारे देश की शान सदा निराली बनी रहे, यह संकल्प है हमारा, जिस प्रकार अनेकों महापुरुषों और राजाओं ने यहाँ जन्म लिया और अपने वतन भारत माँ के लिए कुर्बानियां दी और इस माटी के प्रति उत्तरदायी हुए। उसी प्रकार हम भारतवासी अपने देश के खातिर कुछ भी करने को तत्पर रहते है। हमारे देश के शहीदों ने भारत माँ के खातिर अपनी कुर्बानी दी हैं, वैसे हम सब यही सोचते है कि हम भी अपने देश का शीश कभी झुकने नहीं देंगे। अपने देश की सेवा करने को हमेशा तत्पर रहेंगे। कुछ शब्द कविता के माध्यम से भारत माँ के खातिर प्रस्तुत है। आपके समक्ष भारत माँ पर कविता शेयर करते है।

भारत पर कविता | India Par Kavita


भारत माँ

हम भारतवासी भारत माँ के खातिर,
मर जायेंगे, मिट जाएँगे।
बलिदान शहीदों का न व्यर्थ हो,
कुछ ऐसा कर जाएँगे।

जाति और धर्म की लड़ाई में,
स्वयं को न बटनें देंगें।
एकता और अखंडता का व्रत लेकर,
सबको एक बनाएँगे।

हम भारतवासी भारत माँ के खातिर,
मर जाएँगे, मिट जाएँगे।

कसम हमें इस मिट्टी की,
इसे चंदन सा महकाएँगे।
धूल नही ये पैरों की,
इसे माथे तिलक लगाएँगे।

हम भारतवासी भारत माँ के खातिर,
मर जाएँगे, मिट जाएँगे।

एक नवल स्वप्न पूरा करने को,
फिर से हम जुट जाएँगे।
विश्व के नव पटल पर,
एक नया 'भारत' बनाएँगे।

हम भारतवासी भारत माँ के खातिर,
मर जाएँगे, मिट जाएँगे।
---Written by- Nidhi Agarwal

हमारे देश की हर चीज निराली है। हरा, श्वेत और केसरिया रंगों से सजा 'तिरंगा' झंडा हमारे देश की शान हमेशा से रहा है। ये वीर जवान ही है, जो इस तिरंगे पे कभी आँच नहीं आने देते हैं। हमारे देश की जो सुंदरता है, उसकी जितनी तारीफ की जाये वो कम है और जिस देश की माटी को माँ कहने वाले लोग होते है, वो देश, वो मातृभूमि सच में महान होती है। "मेरा देश मेरी शान है और मेरी पहचान है।" एक कविता अपना देश महान हमारी Bharat Desh Par Kavitao के कोष से आपके समक्ष व्यक्त करते है।

Bharat Desh Par Kavita


अपना देश महान

अपना देश महान है वीरों,
है अपना देश महान।

हरा, श्वेत और केसरिया,
तीन रंगों में रंगा।
तिरंगा झंडा अपना,
बना देश की शान है।

अपना देश महान है वीरों,
है अपना देश महान।

राष्ट्र पक्षी मयूर है इसका,
पुष्प कमल है राष्ट्र का।
राष्ट्र पशु चित्रक: है इसका,
अशोक चक्र महान है।

अपना देश महान है वीरों,
है अपना देश महान।

भाषा हिंदी इसकी है गौरव,
बोली में घोलती मिठास है।
रंग-रंग में रंगी,
सर्वगुणों की खान है।

अपना देश महान है वीरों,
है अपना देश महान।
---Written by- Nidhi Agarwal

"मेरा भारत महान था, महान है और महान रहेगा", यही सोच सिखाते हुए, हमने यह भारत देश पर कविताएँ आपके समक्ष रखी है, ताकि इन कविताओं के माध्यम से हम देश के नौजवानों को और बच्चों को, अपने देश के प्रति कुछ कर दिखाने की चाह और जिज्ञासा को जाग्रत कर सके। हमारे माध्यम से जय हिन्द, जय भारत जैसी सोच रखने वाले हर उस बच्चे व हर उस नौजवान को सलाम, जो हमारे देश के प्रति त्याग व समर्पण की भावना संजोए रखे हुए है।

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Edited by- Somil Agarwal

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