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Sunday, 2 June 2019

सूरज पर कुछ कविताएँ | Poem on Sun in Hindi

आज हम बच्चों के लिए लेकर आए है सूरज चाचा पर कुछ कविताएँ Poem on Sun in Hindi, चंदा मामा की तरह सूरज चाचा भी बच्चों के लिए बहुत प्रिय है। हमारी द्वारा लिखी गयी सूरज पर कविताएँ बच्चों का मनोरंजन करेंगी। हमने अपनी कविताओं के माध्यम से सूरज का अद्भुत वर्णन किया है और हमें आशा है कि आपको और आपके बच्चों को यह सूरज पर कुछ कविताएँ जरूर पसंद आयेंगी। हम आपके समक्ष Poem on Sun in Hindi शेयर करते है। 

सूरज पर कुछ कविताएँ | Poem on Sun in Hindi

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Poem on Sun- सूरज चाचा पर कविता


सूरज चाचा

सूरज चाचा कितनी गर्मी है,
तुम थोड़ा सा थम जाओ ना।
भेज बादलों को भूरे-भूरे,
थोड़ी बारिश करवाओ ना।
इतनी गर्मी में तुम भी,
कही तो छुप जाओ ना।
सूरज चाचा कितनी गर्मी है,
तुम थोड़ा सा थम जाओ ना।

बच्चों की छुट्टियों को,
यूं न व्यर्थ बनाओ ना।
कुछ खेल खेलने दो हमको,
हमारा भी दिन बनाओ ना।
गर्मी कम करके अपनी,
ठंडी हवा को बुलाओ ना।
सूरज चाचा कितनी गर्मी है,
तुम थोड़ा सा थम जाओ ना।
--- निधि अग्रवाल
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Poem on Sun in Hindi- सूरज पर कविता हिंदी में


पूरब से लेकर रवि लाली

पूरब से लेकर रवि लाली,
रोज सवेरे है आते।
फैलाकर उजियाला अपना,
है जग को रौशन कर जाते।

देते नवजीवन पौधों को,
धरती को देते हरियाली।
खिलाकर नवकुसमों को,
महकाते वो डाली-डाली। 

पंखों में डालकर जीवन,
खग को देते नई उड़ान।
करते है अपनी आभा से,
नव जीवन का नवल विहान।

इंद्रधनुष के सप्तरंगों में,
बन प्रकृति का कलाकार।
बरसा कर मेह धरती पर,
करते है उसका श्रृंगार।
--- निधि अग्रवाल
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Poem on Sun- सूरज पर कविता

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सूरज चाचा दमक रहे

देखो-देखो! आसमान में,
सूरज चाचा चमक रहे है।
चमकीले से कपड़ों में देखो,
कितने वो दमक रहे है।

धरती को देने उजियारा,
लाते वो रोज सवेरा।
करने जगमग धरती को,
दिनभर देते है वो पहरा।

बारिश के मौसम में देखो,
कितने रंग वो लाते है।
सतरंगी कर आसमान को,
इंद्रधनुष खिलाते हैं।

कितनी उनकी है शान निराली,
छाई है माथे पर उनके लाली।
उनके आने से आये हरियाली,
उनसे ही छाए धरती पर खुशहाली।
--- निधि अग्रवाल
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Poem on Sun in Hindi- Suraj Par Kavita


सूरज चाचा से लगता डर

सूरज चाचा जब आते है,
चंदा मामा छुप जाते है।
आसमान के सारे तारे,
जाने कहाँ गुम हो जाते है।

तेज रौशनी से सूरज चाचा की,
लगता सब डर जाते है।
इसलिए छिप कर कही,
अपना दिन बिताते हैं।

शाम को जब सूरज चाचा,
अपने घर को जाते है।
आसमान के सारे तारे,
चंदा संग खुशी मनाते है।

जल्दी-जल्दी अपने घरों से,
बाहर निकल कर आते है।
ठंडी-ठंडी अपनी चाँदनी से,
सबका मन हर्षाते है। 
--- निधि अग्रवाल

दोस्तों, हमें आशा है कि आपको Poem on Sun in Hindi ज़रूर पसंद आयी होगी। अगर अच्छी लगी हो तो इसे अपने परिवार वालों के साथ अवश्य शेयर करें। आप अपने सुझाव भी हमसे शेयर कर सकते है, नीचे कमेंट के माध्यम से। हमें बताइये कि आपको यह कविताएँ कैसी लगी और ऐसी ही रोमांचित और मनोरंजक कविताएँ हमारी वेबसाइट के माध्यम से पढ़ते रहिये। 

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Edited By- सोमिल अग्रवाल

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