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Thursday, 22 August 2019

फलों पर कविताएँ | Poem on Fruits in Hindi

जिस प्रकार से कई अन्य वस्तुएँ हमारे जीवन में उपयोगी है, उसी प्रकार से फलों की विशेषता हमारे जीवन में बहुत बड़ी है। यह फल हमारे शरीर को कई महत्वपूर्ण पदार्थ प्रदान करते है जैसे विटामिन्स और मिनरल्स, जो कि हमारे शरीर के लिए बहुत उपयोगी है। हम लोग तो अक्सर एक कहावत भी सुनते है कि "One Apple a day, Keeps Doctor away", हम सब तो फलों की महत्त्वता को भली भांति समझते है, लेकिन आज कल के बच्चे अगर फलों की विशेषताओं को अच्छी तरह समझने लगें तो और अच्छा हो जाए। इसलिए हम बच्चों के लिए लाए है कुछ फलों पर कविताएँ जिससे बच्चे खेल-खेल में व अपनी पढ़ाई के माध्यम से फलों की विशेषता के बारे में समझ सकें।

फलों पर कविताएँ | Poem on Fruits in Hindi


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Poem on Fruits in Hindi

हमारी इन कविताओं के जरिए कक्षा नर्सरी से कक्षा 8 तक के सभी बच्चों को व अन्य पाठकों को लाभ मिलेगा। यह कविताएँ बिलकुल आसान भाषा में लिखी गयी है, जिससे कि बच्चे हमारे द्वारा व्यक्त की गई रचनाओं को आसानी से समझ सकें। हमारा उद्देश्य बच्चों को फलों के गुणों से अवगत कराना है और उनके लेख कार्य में मदद करना है। आपके समक्ष कुछ Poem on Fruits in Hindi शेयर करते है।

Poem on Fruits in Hindi


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Poem on Mango in Hindi

फलों का राजा "आम"

मैं हूँ फलों का राजा,
मेरा नाम है आम,
दिखता हूँ मैं गोलू-मोलू,
करता हूँ अनोखे काम।
गर्मी के मौसम में आता,
ठंडी में मैं गुम हो जाता,
कोयल की मीठी बोली से,
मैं अपना मन बहलाता।
कई रंग में मैं आता,
मेरे नाम हज़ार,
मुझसे बनती है चटनी,
और टेस्टी खट्टा-मीठा सा अचार।
कोई मुझसे जूस बनावें,
कोई बनावें शेक,
कोई मुझसे बनावे आइसक्रीम,
कोई बनावें केक।
मेरे तो हैं रंग निराले,
मैं हूँ फलों की जान,
फ्रूट चाट के संग मिलकर,
महफ़िल की बढाऊँ शान।
Written by- Nidhi Agarwal

Hindi Poem on Fruits- फलों पर कविता


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Poem on Banana in Hindi

पतलू केले राम

एक दिन पतलू केले राम,
निकल पड़े घूमने,
मोटरसाइकिल पर सवार।
खोये थे सपनो में वो,
बैठ शान से मोटरसाइकिल पर,
लगा के मोटा सा गॉगल।
सूट पहने बेलबॉटम का ऐसे,
जैसे जा रहे हो देखने दंगल।
निकले थे जब वो घर से,
करे थे उन्होंने काम ऊल-जलूल।
साथ लिया था बटुआ और गॉगल,
पर हेलमेट को गए थे भूल।
जल्दी-जल्दी के मारे उन्होंने,
मोटरसाइकिल को तेज दौड़ाया।
गाड़ी की स्पीड तेज थी उनकी,
बैलेंस संभल न पाया।
गिर गए वो जमीन पर धड़ाम,
मुँह से निकला हाय-राम,
फूट गया था उनका सिर,
न उनको थी अपनी कोई खबर।
जब आंख खुली उनकी,
अस्पताल में खुद को पाया।
क्या थी उनकी गलती उनको,
था अब समझ में आया।
बोले अब न करूँगा गलती,
गाड़ी स्लो चलाऊंगा।
गॉगल को छोड़ अब मैं,
पहले हेलमेट मैं लगाऊंगा।
Written by- Nidhi Agarwal

Best Poem on Fruits in Hindi


फलों में होड़

एक दिन सारे फलों ने मिलकर,
आपस में होड़ लगाई,
कौन गुणों वाला है सबसे,
किस की जग में होती बड़ाई।
सबसे पहले आम दादा,
झट जल्दी से आये,
बीच सभा में आकर वो,
खूब तेज चिल्लाए।
बोले मुझमें है ज्यादा गुण,
मैं हूँ फलों का राजा।
जो मुझको है खाता,
हष्ट-पुष्ट हो जाता।

इसके बाद केले भाई,
जल्दी-जल्दी आये,
विटामिन बी के फायदे बतलाकर,
अपने गुण बतलाए।
इसके बाद लाल-लाल,
सेब की बारी आई,
ढेर सारे गुण बतलाकर,
अपनी मान बढ़ाई।
सेब के बाद अनार काका आये,
बोले में हूँ आयरन से भरपूर,
जो भी मुझको खाये,
उसके चेहरे पर नूर आ जाए।

इसके बाद नारंगी-नारंगी,
संतरे चाचा आये।
विटामिन सी के ढेर सारे गुण बतलाकर,
मंद-मंद मुस्कुराए।
सबसे अंत में छोटे-छोटे,
फलों की भी बारी आई।
सबने अपने गुण बतलाकर,
महफ़िल में मान बढ़ाई।
अंत में सबने मिलकर,
ये निष्कर्ष निकाला।
सबके अपने-अपने है गुण,
कोई नही अवगुण वाला।
Written by- Nidhi Agarwal

Short Poem on Fruits in Hindi


फलों में रेस

एक दिन फलों ने मिलकर सारे,
रेस लगाने की ठानी।
रेस लगाने से पहले ही,
आपस में हो गयी खींचा-तानी।
A से Apple था स्ट्रांग,
वो बहुत तेज से भागा।
रेस में सबसे आगे हो गया,
था उसका साहस जागा।

B से Banana लंबू राम,
जो दिन भर करते थे आराम।
जब आयी रेस में बारी उनकी,
तब हो गयी उनके निंद्रा सवार।
G से Grapes बहुत छोटा था,
धीरे-धीरे था चलता।
गिर जाता वो कभी-कभी,
फिर भी नही वो रुकता था।

M से Mango राजा भी,
बड़ी शान से आये।
टम-टम से पेट को लेकर,
बहुत तेज वो दौड़ न पाये।
O से Orange भैया भी,
कुछ ढीले-ढाले दिखते थे,
रेस कभी न लड़ाई थी उन्होंने,
अभी तो वो बस सीखते थे।

P से Papaya चाचा भी,
क्या बोले मैं भी आऊँ।
पर मैं जल्दी ही थक जाता,
कैसे रेस लड़ाऊँ।
सबने बोला तो दौड़ पड़े वो,
सरपट जल्दी से भागे।
गिर गए धड़ाम से वो,
बोले हम है कितने अभागे।

बड़े तरबूज दादा बने थे रेफ़री,
उन्होंने फिर सबके मार्क्स बताए।
Apple विजयी हुए थे,
उन्होंने उसके हाथ उठाएँ।
फिर अपने प्यारें तरबूज दादा ने,
उसकी जीत का राज बताया।
क्या जरूरी है दौड़ में,
सबको फिर समझाया।

मिलती है उसको ही Victory,
जिसकी रहती बॉडी Fit,
बनती है उसकी ही History,
और वो ही होता लाइफ में Hit.
Written by- Nidhi Agarwal

प्यारे बच्चों व अन्य पाठकों, आपको यह फलों पर कविताएँ Poem on Fruits in Hindi कैसी लगी, हमें अपने कमेंट के माध्यम से जरूर बताएं, यदि आप सभी को यह कविताएँ पसंद आयी हो तो इन्हें शेयर करना मत भूलिए गा आप सभी का सहयोग हमें मोटीवेट करता है। यह Phaloon Par Kavitae बच्चों के लिए उनकी पढ़ाई में सहायता देंगी और बच्चे इन कविताओं के माध्यम से फलों के गुणों को भली-भाँति समझ सकेंगे, ताकि बच्चे आज-कल की फ़ास्ट फूड लाइफ को छोड़, एक सेहत मंद लाइफ सुचारु रूप से जिये।

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Edited by- Somil Agarwal

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